1 मैं यहोवा को सर्वदा धन्य कहूँगा! मेरे होंठ सदा तेरी स्तुति करेंगे।
2 मेरा प्राण यहोवा के कारण घमण्ड करेगा; उत्पीड़ितों की सुनो और आनन्द मनाओ।
3 मेरे साथ यहोवा की महानता का प्रचार करो; आओ हम सब मिलकर उसके नाम की स्तुति करें।
4 मैं ने यहोवा को ढूंढ़ा, और उस ने मेरी सुन ली; मुझे मेरे सारे डर से छुड़ाया।
5 जो उसकी ओर देखते हैं, वे हर्षित होते हैं; आपके चेहरे पर कभी निराशा नहीं आएगी
6 यह कंगाल चिल्लाया, और यहोवा ने उसकी सुन ली; और उसे उसके सब क्लेशोंसे छुड़ाया।
7 यहोवा का दूत उसके डरवैयोंके चारों ओर पहरुए है, और वह उनका उद्धार करता है।
8 चखो और देखो कि यहोवा कितना भला है। वह मनुष्य कितना सुखी है जो इसकी शरण लेता है!
9 हे यहोवा के पवित्र लोगों, डरो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं।
10 सिंह भले ही भूखे और भूखे हों, परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी वस्तु की घटी न होगी।
11 हे मेरे बच्चों, आओ, मेरी सुनो; मैं तुम्हें यहोवा का भय मानना सिखाऊँगा।
12 तुम में से कौन जीवन से प्रेम करना चाहता है और सुखी दिन देखना चाहता है?
13 अपनी जीभ को बुराई से और अपने होठों को झूठ से दूर रखो।
14 बुराई से फिरो और भलाई करो; दृढ़ता के साथ शांति की तलाश करें।
15 यहोवा की दृष्टि धर्मियों पर लगी रहती है, और उसके कान उनकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं;
16 यहोवा का मुख बुराई करनेवालों के विरुद्ध हो गया है, कि उनका स्मरण पृय्वी पर से मिटा डाला जाए।
17 धर्मी दोहाई देते हैं, यहोवा उनकी सुनता है, और उन्हें उनके सब विपत्तियोंसे छुड़ाता है।
18 यहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता है, और टूटे मनवालों का उद्धार करता है।
19 धर्मी पर बहुत विपत्तियां आती हैं, परन्तु यहोवा उसे उन सब से छुड़ाता है;
20 अपनी सब हड्डियों की रक्षा करना; उनमें से कोई भी नहीं तोड़ा जाएगा।
21 बदनामी दुष्टों को मार डालेगी; जो धर्मी से बैर रखते हैं, वे दण्डित किए जाएंगे।
22 यहोवा अपके दासोंके प्राण छुड़ाता है; कोई भी जो उसकी शरण लेता है, दोषी नहीं ठहराया जाएगा।
Last updated on May 9, 2024
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