ऑडियो और पाठ
1. यहोवा मेरा चरवाहा है, मैं न चाहूं।
2. वह मुझे हरी चराइयों में लेटा देता है, वह मुझे धीरे से शांत जल में ले जाता है।
3. यह मेरी आत्मा को ठंडा करता है; उसके नाम के निमित्त नेकी के मार्ग में मेरा मार्गदर्शन कर।
4. यदि मैं मृत्यु की छाया की तराई में से होकर भी चलूं, तौभी किसी विपत्ति से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे संग है; आपकी छड़ी और आपके कर्मचारी, वे मुझे दिलासा देते हैं।
5. तू मेरे शत्रुओं के साम्हने मेरे साम्हने मेज़ तैयार करता है, मेरे सिर पर तेल मलता है, मेरा प्याला पलट जाता है।
6. निश्चय ही ईश्वरीय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे पीछे पीछे रहेगी; और मैं यहोवा के भवन में बहुत दिन तक निवास करूंगा...
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