1 हे यहोवा, मैं अपके सम्पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा; देवताओं के सामने मैं तेरा भजन गाऊंगा।
2 मैं तेरे पवित्र मन्दिर में लौट आऊंगा, और तेरी करूणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूंगा; क्योंकि तू ने अपने नाम और वचन को सब वस्तुओं से ऊंचा किया है।
3 जब मैं ने पुकारा, तब तू ने मुझे उत्तर दिया; आपने मुझे शक्ति और साहस दिया।
4 हे यहोवा, पृथ्वी के सब राजा तेरा धन्यवाद करेंगे, क्योंकि वे तेरे वचनों को जान लेंगे।
5 वे यहोवा के कामोंकी प्रशंसा करेंगे, क्योंकि यहोवा की महिमा बड़ी है!
6 चाहे वह ऊंचे पर हो, तौभी यहोवा नम्र लोगोंको नीची दृष्टि से देखता है, और अभिमानियोंको दूर ही से पहिचान लेता है।
7 चाहे मैं संकट में पड़ूं, तौभी तू मेरे प्राण को मेरे शत्रुओं के प्रकोप से बचाता है; अपना दाहिना हाथ बढ़ाकर मुझे छुड़ा।
8 यहोवा मेरे लिथे अपक्की युक्ति पूरी करेगा? आपका प्यार, भगवान, हमेशा के लिए रहता है; अपने हाथों के कामों को न तज!
Last updated on Jun 18, 2024
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